Sunday, January 4, 2009

प्रशासन सदभावना के लिए कृत संकल्पित : औंकार सिंह

राजसमन्द। जिला मजिस्टेट औंकार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन साम्प्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए कृत संकल्पित है तथा वह निरंतर इसके लिए प्रयासरत है।जिला मजिस्ट्रेट औंकार सिंह रविवार को राजनगर थाना परिसर में आयोजित शांति समिति एवं सीएलजी सदस्यों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहर में जुलूस निकाले जाने से पहले सम्प्रदाय के लोग अपने स्वयंसेवकों की एक बैठक आयोजित कर लेवे और उन्हें जुलूस के दौरान तनाव नहीं हो इसके लिए तैयार किया जावे। सिंह ने कहा कि प्रमुख सम्प्रदाय परस्पर संवाद भी रखे । बैठक में पुलिस अधीक्षक संतोष चालके ने कहा कि मोहर्रम का जुलूस हर वर्ष मोहम्मद हुसैन की याद में मनाया जाता है। बैठक में हिंदू संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि शांति समिति की बैठक में मौजूद रहने वाले सदस्य जुलूस के दौरान भी साथ रहे ताकि सद्भावनापूर्ण माहौल में जुलूस निकल सके।

राजकुमार दक ने दी संगीता की आंखों को नई रोशनी

राजसमन्द। रेलमगरा पंचायत की सिन्देसरखुर्द गांव निवासी 14 वर्षीय बालिका संगीता पालीवाल को आखिर नया जीवन मिल गया, जब उसके ह्दय के दो वॉल्वो का सफल ऑपरेशन पिछले सप्ताह जन सहयोग से हो गया।कई वर्षें से बीमार संगीता का पिता रमेशचन्द्र तंग आर्थिक स्थिति के कारण उसका इलाज नहीं करवा पा रहा था। इसकी जानकारी राजसमन्द हेल्पलाइन के राजकुमार दक को मिलने पर उन्होने उसका इलाज जन सहयोग से कराने का जिम्मा उठाया एवं तुरन्त मुख्यमंत्री सहायता कोष में आवेदन करवाया जहां से साठ हजार रुपए स्वीकृत हो गए।कुल व्यय डेढ लाख रुपए से भी अधिक होने की स्थिति में दक ने चोरानवे हजार छह सौ पचास रुपए जन सहयोग से जुटाए जिसमें सर्वाधिक ग्यारह हजार रुपए आर.के. मार्बल के रतनलाल कंवरलाल पाटनी फाउण्डेशन एवं सुधर्म मानव सेवा संस्थान कांकरोली से प्राप्त हुए।पिछले सप्ताह आरएनटी मेडिकल कॉलेज के कार्डिया सर्जिकल युनिट के प्रभारी डॉ विनय नैथानी ने संगीता का सफल ऑपरेशन किया। दक के मोबाइल नम्बर है 9414172391

जबलपुर के संत रामदास ने राजसमन्द में कई जगह की ठगी जमीन से मूर्ति निकालने का मामला

राजसमन्द। जिले के पीपली अहीरान गांव के मेघाखेड़ा गांव के लोग रविवार सुबह समाचार पत्रों में कुम्भलगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के कालिंजर गांव में जमीन से मूर्ति निकालने वाली घटना को पढ़कर हैरान रह गए। खबर में उसके नाम पते को देख कर ग्रामीणों के मुंह से यही निकला कि अरे यह तो वही संत रामदास है जो 10-12 दिन पहले मेघाखेड़ा में आया और शंकरलाल अहीर के मकान से हिंगलाज माता की मूर्ति निकाली थी। अब तक उस कथित संत रामदास पर अंध श्रद्धा के वशीभूत होकर गुणगान कर रहे थे वे ही लोग असलियत जानकर अपने आप को कोसने लगे। मेघाखेड़ा निवासी माधवलाल अहीर ने बताया कि करीब 10-12 दिन पहले संत रामदास उनके गांव में लूढकते-लूढकते हुए आया और गांव के चारभुजा मंदिर के बाहर चबूतरे पर डेरा जमाया। संत रामदास अपने आप को मध्यप्रदेश के जबलपुर गांव से आना बताया। यहां आकर उसने लोगों को चमत्कार दिखाए जिससे कई ग्रामीण उससे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मिलने लगे।इसी दौरान गांव का शंकर लाल पुत्र परसराम अहीर भी रामदास से मिला और अपनी बीमार रहने वाली बेटी की समस्या के निदान के बारे में चर्चा की। संत रामदास ने शंकर लाल से उसके घर का नक्शा मंगवाया और देखने के बाद कहा कि मकान के पोल में माताजी की मूर्ति दबी हुई है । उसे निकालने के बाद ही बीमार बेटी ठीक हो सकेगी। माधवलाल ने बताया कि संत रामदास ने 19 दिसम्बर की रात सात बजे मकान की पोल से मूर्ति निकालने का समय निर्धारित कर खुदाई की। करीब चार फीट तक खोदने के बाद अंदर पूजा-अर्चना कर खड्ड को कपड़े से ढंका और कुछ देर बाद अंदर से छह-सात इंüच ऊंची हिंगलाज माता की मूर्ति लेकर बाहर आया। मूर्ति बाहर लाते ही मौजूद ग्रामीणों ने माताजी के जयकारे लगाने लगे। इसके बाद संत रामदास ने उसकी मूर्ति की पूजा की और मल मास होने की वजह से मूर्ति को गेहूं के ढेर में रखवा दी। इधर मूर्ति निकलने से प्रसन्न होकर शंकर लाल अहीर ने संत रामदास को 11 सौ रुपए भेंट किए जबकि अन्य ग्रामीणों ने भी दो-तीन हजार भेंट किए। इसके बाद संत रामदास मेघाखेडा से गोगाथला गया और वहां दो-तीन दिन रहने के बाद नदारद हो गया। इस घटना के कुछ दिन बाद जब ग्रामीणों ने कौतुहलवश हिंगलाज माताजी की मूर्ति वापस गेहूं के ढेर से निकाल कर देखी तो वहां मौजूद एक आदिवासी व्यक्ति ने बताया कि गांव के समीप भीलों के देवरे में हिंगलाज माता की यह मूर्ति है जो पिछले दिनों गायब हो गई थी। हालांकि तब ग्रामीणों ने उस आदिवासी युवक की काफी खिल्ली उडाई लेकिन अब कालिंजर की घटना का खुलासा होते ही ग्रामीणों को यकिन हो गया कि वह संत के भेष में ठग था।

देलवाडा में पेंथर ने किया मवेशी का शिकार

राजसमन्द। जिल के देलवाड़ा कस्बे के मेघवाल बस्ती में शनिवार रात को पेंथर ने एक बाड़े में घुस कर बछड़ी का शिकार किया। पिछले कई दिनों से पेंथर के आतंक से स्थानीय लोगों में आक्रोश बना हुआ है।सूचना के अनुसार देलवाड़ा कस्बे से कुछ दूरी पर पहाड़ी क्षेत्र में बसी मेघवाल बस्ती में शनिवार रात को पेंथर किशन लाल मेघवाल के बाड़े में घुस गया और वहां से एक बछड़े का शिकार कर लिया। घटना के वक्त बाड़े में चार-पांच और मवेशी बंधे हुए थे लेकिन वह खूंटे से रस्सी तोड़ कर बाड़े से बाहर निकल गए। इससे पहले शुक्रवार रात को भी पेंथर ने देलवाड़ा क्षेत्र में मवेशियों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। पेंथर के आतंक के बारे में सूचना देने के बावजूद वन विभाग द्वारा अब तक उसे पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं करने से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

प्रभुगिरी बने शिक्षक संघ के अध्यक्ष

राजसमन्द। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के एक दिवसीय अधिवेशन तथा वार्षिक चुनाव में प्रभुगिरि गोस्वामी को जिलाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया। गिरि पूर्व में भी दो वर्षें तक जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं।राजकीय श्री बालकृष्ण उच्च माध्यमिक विद्यालय कांकरोली परिसर में हुए जिला शाखा के वार्षिक चुनाव में सभाध्यक्ष किशन सिंह चुण्डावत, उप सभाध्यक्ष शिवदास वैरागी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लक्ष्मीलाल पालीवाल, उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चारण, महिला उपाध्यक्ष श्रीमती निरा जोशी, मंत्री रामचन्द्र पानेरी, कोषाध्यक्ष द्वारकेश तम्बोली, महिला मंत्री के पद पर श्रीमती उर्मिला पुरोहित को मनोनित किया।

Saturday, January 3, 2009

शीतलहर से जनजीवन अस्त व्यस्त

राजसमंद।जिले में शनिवार को सर्दी तेज हो गई। जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आया। शीतलहर सुबह से रात तक सांय-सांय करती तन को भेदती सी लगी। अचानक चली ठंडी हवाओं के मद्देनजर लोगों ने गर्म-ऊनी कपडे पहन कर ठंड से बचाव के जतन किए तो जहां तक हो सका लोगों ने धूप सेंकने की कोशिश की।लोग सुबह से ही स्वेटर, जैकेट, मफलर, शॉल आदि से लिपटे दिखे। शाम होते-होते सर्द हवाओं के तेवर और तीखे हो गए। रात होते-होते तो सडकें सूनी हो गर्ई और लोग रजाइयों में दुबक गए। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। गिलूण्ड । कस्बे सहित आस पास के गांवों में विगत दो दिनों से सर्दी के तेवर बढ गए हैं। सर्दी से बचाव को लेकर ग्रामीण दिनभर ऊनी वस्त्रों में लिपटे रहे। वही सुबह शाम प्रमुख चौराहों पर अलाव ताप कर सर्दी से बचाव के प्रयास करते नजर आते हैं। किसान फसलों को शीत हवाओं से बचाने के लिए सिंचाई में व्यस्त हैं।

प्रायोगिक परीक्षा में भाई के नम्बर बढवाने के लिए दिखाया पुलिसिया रोब, छात्रों में आक्रोश

राजसमन्द। आईटीआई कॉलेज राजसमन्द में शनिवार सुबह पुलिसिया रोब दिखा कर प्रायोगिक परीक्षा में अपने भाई के नम्बर बढ़वाने पहुंचे पुलिसकर्मी की महाविद्यालय कर्मचारी एवं छात्र के साथ मारपीट व अभद्रता करने पर छात्रों ने महाविद्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया।सूचना के अनुसार नाथद्वारा थाने में तैनात सुभाष मीणा शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे आईटीआई महविद्यालय पहुंचा और पुलिसिया रोब दिखाते हुए महाविद्यालय कार्मिक अमरचंद सालवी व अन्य से महाविद्यालय में पढ़ रहे भाई के प्रायोगिक परीक्षा में नम्बर बढ़वाने का दबाव बनाने लगा। इस घटना से महाविद्यालय कार्मिक और छात्र एकदम सकते में आ गए। महाविद्यालय के छात्रों ने इस संदर्भ में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष शंकर सचदेव को सूचना दी जिस पर एनएसयूआई के जिला सह संयोजक कुलदीप सिंह चुण्डावत, ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप जोशी, कमलेन्द्र कुमावत कार्यकर्ताओं के साथ महाविद्यालय पहुंचे। इधर पुलिसकर्मी सुभाष मीणा निरंतर पुलिसिया रोब झाड़ रहा था। छात्रांð द्वारा मीणा का विरोध करने पर सुभाष मीणा ने एक छात्र के थप्पड रख दिया और जान से मारने की धमकी दी। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने पुलिसकर्मी से समझाइश करने का प्रयास किया लेकिन वह अपने रोब पर अडा रहा। घटनाक्रम की जानकारी देने के बावजूद पुलिस प्रशासन का अधिकारी नहीं पहुंचने से छात्रों में आक्रोश व्याप्त हो गया। छात्रों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रकट किया। छात्रों और कार्यकर्ताआंð ने जाम लगाने का प्रयास किया इस बीच वृत्त निरीक्षक मनीष त्रिपाठी एवं राजनगर थानाधिकारी गोवर्धन खटीक मौके पर पहुंचे और छात्रों से समझाईश की। बाद में छात्र कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय प्राचार्य कक्ष में इस मसले पर चर्चा की। चर्चा के दौरान एनएसयूआई जिलाध्यक्ष शंकर सचदेव ने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। जिसे छात्रों ने पुरजोर समर्थन दिया और दोषी पुलिस कर्मी को निलम्बित करने की मांग करने लगे। प्राचार्य कक्ष छात्रो से भर गया और छात्र पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते रहे।प्राचार्य कक्ष में पुलिस अधिकारी मनीष त्रिपाठी द्वारा घटनाक्रम की जानकारी पुलिस अधीक्षक संतोष को दी गई और छात्रो द्वारा पुलिसकर्मी के निलम्बन की मांग की गई जिस पर मनीष त्रिपाठी ने एनएसयूआई पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि सोमवार तक सुभाष मीणा का निलम्बन हो जाएगा। वृत्त निरीक्षक के आश्वासन के बाद आईटीआई के छात्रो ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।प्रदर्शन का नेतृत्व जिला सहसंयोजक कुलदीप सिंह चुण्डावत, ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप जोशी, विनोद सेन, जयपालसिंह, हेमन्त सेन, दलपत सिंह राठौड, दिनेश जोशी, बसन्त यादव, नरेन्द्र सिंह, गोविन्द सिंह, अमर सिंह, महेन्द्र सिंह, लोकेश, गगन, प्रवीण, राजकुमार ने किया। एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप जोशी ने दोषी पुलिसकर्मी सुभाष मीणा के निलम्बन ने होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।