Wednesday, September 2, 2009

आदिवासी समुदाय ने जताया रोष

खमनोर। आदिवासी समुदाय के प्रेरणास्रोत राणा पूंजा की पावन स्मृति में मचीन्द गांव में निर्मित आदमकद प्रतिमा के हाथ में टूटे तीर को लेकर आदिवासी समुदाय के लोगों व क्षेत्रवासियों ने रोष जताया है। स्वतंत्रता व स्वाभिमान के लिए शहीद होने वाले मेवाड के राणा पूंजा की प्रतिमा की अव्यवस्था को लोगों ने राणा का अपमान करार दिया है और इसे शीघ्र दुरूस्त कराने की मांग की।
अव्यवस्था को लेकर आदिवासी समुदाय में रोष है। प्रशासन को इसे दूर करना चाहिए।केसूलाल गमेती, पूर्व सरपंच व आदिवासी नेता
इस घटना से लोगों की भावनाएं आहत हुईं हैं। शीघ्र मामले की जानकारी लेकर तीर लगवाया जाएगा। ओंकार सिंह,जिला कलक्टर
प्रतिमा के हाथ से तीर टूटने की घटना अशोभनीय है। इससे आम जनता की भावना को ठेस पहुंची है। जिला प्रशासन से बात कर शीघ्र तीर लगवाएंगे।गोपाल सिंह शेखावत, सांसद

आश्वासन के बाद भूख हडताल खत्म

आमेट। स्थानीय राजकीय महाविद्यालय में व्याख्याताओं के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर भूख हडताल पर बैठे विद्यार्थियों ने बुधवार को विधायक के आश्वासन के बाद हडताल समाप्त कर दी। बुधवार को विधायक गणेश सिंह परमार के आंदोलन स्थल पर पहुंचने पर विद्यार्थियों ने परमार से महाविद्यालय में व्याख्याताओं के खाली पडे पदों को शीघ्र भरने की मांग की। इस पर विधायक परमार ने आगामी 10 सितंबर तक पदों को भरने का आश्वासन दिया।
मौके पर ही छात्र नेता दीपक सैन, राजेश टेलर, लोकेंद्रसिंह आदि ने स्पष्ट कर दिया कि पद भरे नहीं जाने तक क्रमिक धरना जारी रहने के साथ महाविद्यालय में किसी भी प्रकार का शैक्षणिक कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
महाविद्यालय बंद करायाराजसमंद । नाथद्वारा तहसील मुख्यालय के राजकीय महाविद्यालय में कम्प्यूटर पाठ्यक्रम के शुल्क में कमी की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मंगलवार को महाविद्यालय बंद करा दिया। इसके बाद परिषद के पदाघिकारी-कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन व नारेबाजी की। उल्लेखनीय है कि सेठ मथुरादास बिनानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इस वर्ष पीजी डीसीए का शुल्क बढा कर साढे बारह हजार रूपए कर दिया गया है। परिषद फीस वृद्धि का विरोध कर रही है।
जिला संयोजक मोहन कुमावत ने बताया कि पाठ्यक्रम में चालू शिक्षण सत्र में शुल्क में तीन गुना वृद्धि कर दी गई है। इस दौरान परिषद के एक शिष्ट मंडल ने सह जिला संयोजक खुशकमल कुमावत, इकाई अध्यक्ष त्रिभुवनसिंह, बादलसिंह, विक्रमसिंह, दीपक आदि के नेतृत्व में प्राचार्य से मिलकर मांग के संबंध में सकारात्मक कार्रवाई की अपील की।

कुंभलगढ। पंचायत समिति के पीपला क्षेत्र के नरेगा के तहत कार्य करने वाले करीब चार सौ महिला-पुरूष नरेगा श्रमिकों के पास भुगतान राशि के लिए चक्कर काटने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है। पंचायत समिति कुंभलगढ की पीपला ग्राम पंचायत के ये मजदूर पिछले आठ माह से मजदूरी पेटे भुगतान राशि का इंतजार कर रहे हैं। राशि नहीं मिलने के अभाव में भरी गर्मी में पसीना बहाने वाले इन गरीब श्रमिकों के चूल्हे पर संकट आ गया है।
जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत पीपला पंचायत क्षेत्र में जनवरी 2008 से अगस्त 2009 के दौरान कार्य चला। मजदूरों ने भरी सर्दी और गर्मी में इन सुबह-शाम कार्य किया। काम पूरा होने के बाद इन्हें भुगतान राशि मिल जाने की आस थी, लेकिन जिम्मेदार कर्मचारियों की बेपरवाही के चलते इन्हें हर बार आश्वासन ही मिले।
माली हालत बिगडने पर श्रमिकों ने मेट व नरेगा से जुडे अघिकारियों के चक्कर काटना शुरू किया। परिवार का पेट पालने की दुहाई और राशन का सामान खरीदने का तर्क दिया, लेकिन अघिकारियों ने हर बार एक नया आश्वासन देकर रवाना कर दिया। इन क्षेत्र में नरेगा कार्य बंद हो जाने के बाद वर्तमान में इन मजदूरों के पास कोई काम नहीं रह गया है।
इनका कहना हैसात दिन के भीतर श्रमिकों को भुगतान नहीं किया गया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।-माइंगराम भल, पंचायत समिति सदस्य, कुंभलगढ
कितने श्रमिकों का चुकारा शेष है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। अगले दस दिनों के भीतर श्रमिकों का चुकारा कर दिया जाएगा। रोजगार सहायक नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है।प्रेमलता सालवी, कार्यक्रम अघिकारी, कुंभलगढ
अलग से टीम गठित कर भुगतान शीघ्र कराया जाएगा। भुगतान में देरी के कारण की जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।हिम्मतसिंह बारहठ, समन्वयक नरेगा व उपखंड अघिकारी

Tuesday, September 1, 2009

इंटक के 5 कर्मचारी निलम्बित

राजसमंद। मंगलवार को चले एक नाटकीय घटनाक्रम में जेके प्रबंधन ने इंटक के 5 कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया। इंटक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि संगठन की ओर से प्रबंधन को दिए गए 36 घंटे के अल्टीमेटम के बाद जेके प्रबंधन की ओर से द्वेषपूर्ण तरीके से यह कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि संगठन के 5 कर्मचारियों के अचानक और अकारण किए गए इस निलंबन के संबंध में मंगलवार को संगठन की एक आपाताकालीन बैठक बुला कर इसका विरोध दर्ज करवाया गया। उन्होंने बताया कि जेके प्रबंधन की ओर से एक अन्य यूनियन के दबाव में आकर की गई इस कार्रवाई का इंटक की ओर से भरसक विरोध किया जाएगा। मिश्रा ने जेके प्रबंधन पर पिछले कई वर्षो से मजदूरों का शोषण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूरों के समर्थन में खडी हुई इंटक को खत्म करने के लिए की जा रही इस प्रकार की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इनका किया निलंबनजेके प्रबंधन ने मंगलवार को संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सज्ान सिंह व वीरेन्द्र मिश्रा व सह महामंत्री भगवतसिंह के साथ वरिष्ठ कार्यकर्ता माधोसिंह और फतहसिंह को निलंबित कर दिया।

राणा पूंजा के हाथ में टूटा तीर

खमनोर। मेवाड के आदर्श, महाराणा प्रताप के सहयोगी और आदिवासी समुदाय के प्रेरणास्रोत राणा पूंजा की पावन स्मृति में समीपवर्ती मचींद गांव में बनी आदमकद प्रतिमा प्रशासनिक व विभागीय उपेक्षा की शिकार है। प्रतिमा के हाथ में करीब दो वर्ष से तीर टूटा हुआ है, लेकिन अब तक ठीक नहीं करवाया गया है।
वर्ष 1999 में तत्कालीन राज्यपाल अंशुमानसिंह अनावरित राणा पूंजा की प्रतिमा के दांये हाथ में आदिवासी समुदाय के प्रमुख हथियार के रूप में प्रसिद्ध तीर व बांये हाथ में धनुष था। कुछ समय पूर्व समाजकंटकों ने राणा पूंजा के दांये हाथ का तीर तोड दिया, जिससे अब केवल तीर के पीछे वाला हिस्सा ही रह गया है। ग्रामीण दोला गमेती ने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अघिकारियों और जन प्रतिनिघियों को अवगत करवाने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कौन थे राणा पूंजामहाराणा प्रताप के सहयोगी राणा पूंजा उदयपुर जिले की झाडोल तहसील के पानरवा गांव के रहने वाले थे। हल्दीघाटी युद्ध के दौरान पूंजा के नेतृत्व में आदिवासी सैन्य दल ने मुगल सेना के छक्के छुडा दिए थे। आज भी प्रतिवर्ष हल्दीघाटी में लगने वाले प्रताप जयंती मेले से एक दिन पूर्व राणा पूंजा स्थल पर भी मेले का आयोजन होता है जिसमें आदिवासी समुदाय उत्साह से शरीक होता है।
यह मामला हमारे अंडर में नहीं आता। हमें पता भी नहीं है, स्थानीय प्रशासन ही बता सकता है।-विकास पण्ड्या, जिला पर्यटन अधिकारी, उदयपुर
दो-तीन साल पहले तीर टूटा था। यह मामला ग्राम पंचायत के अधीन ही आता है। हमने प्रशासन को इसलिए नहीं बताया कि कहीं कोई विवाद न हो जाए या समुदाय में असंतोष न उपज जाए और बात बिगड न जाए, लेकिन अब इसे ठीक करवाने पर ध्यान दिया जाएगा।लक्ष्मीलाल सोनी, सरपंच, मचींद

प्यासे हैं दामोदरपुरा के बाशिंदे

गिलूण्ड। बारिश का मौसम होने के बावजूद दामोदरपुरा गांव में ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड रहा है। यहां बस स्टैण्ड के समीप लगे एक मात्र सार्वजनिक नल पर आपूर्ति के दौरान ग्रामीणों की रेलमपेल रहती है। नल में पानी आने से पहले ही लम्बी लाइन लग जाती है।
कई बार जलापूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को खाली हाथ ही घर को लौटना पडता है। कहने को तो गांव में चार हैण्डपंप हैं, लेकिन उनका पानी पीने योग्य नहीं है। सभी हैण्डपम्प खारा पानी उगलते हैं। पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था में ही ग्रामीणों का दिन बीत जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की आबादी दिनोंदिन बढती जा रही है, लेकिन पेयजल संकट का समाधान नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से समस्या के निराकरण की मांग की है।

विकलांगों को मिलेंगे कृत्रिम उपकरण और रोडवेज पास

राजसमंद। कांकरोली स्थित कुमावत समाज के नोहरे में 11 और 12 सितम्बर को आयोज्य विकलांग कल्याण शिविर में जिले के 3442 चिह्नित विकलांगों को कृत्रिम उपकरण और रोडवेज पास जारी किए जाएंगे।
इस शिविर में जन सेवा संस्थान नई दिल्ली के विशेषज्ञ विकलांगों का परीक्षण कर उन्हें कृत्रिम उपकरण देंगे। असहायों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम उदयपुर के आगार प्रबंधक एसएल यादव को विकलांगों को नि: शुल्क रोडवेज पास जारी करने के लिए पत्र लिखा गया है।
किसे कहेंगे विकलांग!ऎसे व्यक्ति, जिन्हें मेडिकल बोर्ड की ओर से 40 प्रतिशत अथवा उससे अधिक शारीरिक रूप से अक्षम घोषित किया गया हो, वह विकलांग की श्रेणी में आता है।
नि:शक्तों को परखेंगे विशेषज्ञजिले की सातों पंचायत समितियों के चिह्नित कुल 3442 विकलांगों का परीक्षण जन सेवा संस्थान नई दिल्ली से आए विशेषज्ञ करेंगे। विशेषज्ञ जांच के बाद उन्हें कृत्रिम उपकरण देंगे। दो दिवसीय इस शिविर के पहले दिन कुंभलगढ, भीम, आमेट और दूसरे दिन रेलमगरा, खमनोर, राजसमंद और देवगढ पंचायत समितियों के विकलांगों का परीक्षण होगा।
कहां कितने असहाय!जिला प्रशासन के निर्देश पर पंचायती राज संस्थाओं की ओर से सर्वे के दौरान कुल 3442 विकलांगों को चिह्नित किया गया है। इसमें भीम के 712, आमेट के 336, रेलमगरा के 439, खमनोर के 155, देवगढ के 666, कुंभलगढ के 675 और राजसमंद के 459 असहाय शामिल हैं।
जांच के बाद मिलेगा उपकरणजन सेवा संस्थान के प्रबंधक डॉ. शरद रंगा के साथ यहां आने वाली विशेषज्ञों की टीम असहायों का गहनता से परीक्षण करने के साथ ही उन्हें आगामी महीनों में ट्राईसाइकिल, कैलीपर्स, बैसाखी और श्रवण यंत्र आदि वितरित करेगी।
शिविर में अधिक से अधिक असहाय लाभ पहुंचाने के लिए तहसीलदारों व उपखंड अधिकारियों को प्रचार-प्रसार के लिए सूचित कर दिया गया है। -अशोक कुमार शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी

चहुंओर जय गवरी पुत्र की गूंज

राजसमंद। जिले भर में गणपति महोत्सव के तहत उत्साह व उमंग का माहौल है। चारों ओर गणपति की गूंज सुनाई दे रही है। श्रद्धालु भक्ति के सागर में डूबे हुए हैं। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं गणपति विसर्जन तो कहीं विविध आयोजन हो रहे हैं।धराया छप्पन भोग : स्थानीय गणेश मंदिर मार्ग पर स्थापित गणपति को मंगलवार को बाल-गोपालों ने छप्पन भोग धराया। गर्वित सनाढ्य ने बताया कि प्रतिमा स्थापना के दिन से ही प्रतिदिन यहां अलग-अलग झांकिया सजाई जा रही हैं। मंगलवार की झांकी में भावेश सांचीहर, प्रद्युम्न सनाढ्य, मोंटू सांचीहर, मोहित सनाढ्य, वल्लभ सनाढ्य आदि ने सहयोग दिया। अनंत चतुदर्शी के दिन गणपति का विसर्जन किया जाएगा।
गरबा की धूमआमेट । समीपवर्ती टीकड गांव में नवयुवक मित्र मण्डल के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में गरबा की धूम रही। मंगलवार को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता हुई। बुधवार रात भजन संध्या होगी, जिसमें पाली के महेन्द्र सिंह गोयल व दल भजनों की प्रस्तुति देंगे। समारोह के मुख्य अतिथि कुंभलगढ विधायक गणेश सिंह परमार होंगे।
रोज नए कार्यक्रमों की धूमनाथद्वारा । शहर व ग्रामीण अंचल में चल रहे गणपति महोत्सव के तहत प्रतिदिन विविध आयोजन हो रहे हैं। उथनोल में सोमवार रात सैलानी लोक कला मण्डल की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। ग्रामीण विष्णु जोशी ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से सार्वजनिक गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। इधर शहर के बस स्टैण्ड, आदर्श नगर, बडा बाजार तथा सुन्दरी विलास में भी गणपति महोत्सव की धूम है।
आज होगा विसर्जनचारभुजा (निसं.)। शिव मित्र मण्डल, साथिया की ओर से बुधवार को गणपति विसर्जन होगा। मण्डल संचालक मदनलाल शर्मा ने बताया कि गणपति विसर्जन दोपहर तीन बजे होगा।
धूमधाम से विसर्जित हुए गणपतिराज्यावास। समीपवर्ती राज्यावास गांव के रेगर मोहल्ले में बाबा रामदेव मंदिर पर चल रहे नौ दिवसीय गणेश महोत्सव का धूमधाम से समापन हो गया। इससे पहले रविवार रात मंदिर पर रात्रि जागरण व भजन संध्या हुई जिसमें ग्रामीणों ने उत्साह से भाग लिया। सोमवार शाम सात बजे विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बैण्डबाजे की धुन पर शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान भक्त गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के नारे लगा रहे थे। शोभायात्रा विभिन्न मार्गो से होते हुए रात साढे दस बजे गडाई तालाब पहुंची जहां मूर्ति को विसर्जित किया गया। अंत में प्रसादी का वितरण किया गया।
धूमधाम से विसर्जित हुए गणपतिराज्यावास। समीपवर्ती राज्यावास गांव के रेगर मोहल्ले में बाबा रामदेव मंदिर पर चल रहे नौ दिवसीय गणेश महोत्सव का धूमधाम से समापन हो गया। इससे पहले रविवार रात मंदिर पर रात्रि जागरण व भजन संध्या हुई जिसमें ग्रामीणों ने उत्साह से भाग लिया। सोमवार शाम सात बजे विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बैण्डबाजे की धुन पर शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान भक्त गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के नारे लगा रहे थे। शोभायात्रा विभिन्न मार्गो से होते हुए रात साढे दस बजे गडाई तालाब पहुंची जहां मूर्ति को विसर्जित किया गया। अंत में प्रसादी का वितरण किया गया।