Monday, November 2, 2009

मातृ कुण्डिया में उमडा श्रद्धा का ज्वार

गिलूण्ड। कार्तिक पूर्णिमा पर समीपवर्ती तीर्थ स्थल मातृ कुण्डिया में सोमवार को श्रद्धालुओं का ज्वार उमड पडा। यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान कर खूब दान पुण्य किया। सुबह महामंगलेश्वर महादेव मंदिर में मंगला आरती के बाद शुरू हुए एक दिवसीय मेले में रविवार से ही मेलार्थियों का आगमन शुरू हो गया था।
सूर्य की पहली रश्मि के साथ ही कार्तिक स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के पवित्र परशुराम कुण्ड के बद्री विशाल, विश्वकर्मा, मंगलेश्वर महादेव, नारायण, परशुराम आदि घाटों पर डुबकी लगाने के साथ ही पूरा क्षेत्र जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इसके बाद कुण्ड के सभी घाटों पर तिल धरने तक को जगह नहीं बची। श्रद्धालुओं ने कुंड में पवित्र स्नान कर मंगलेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की और अन्न, घास, कपडे, नकदी आदि दान किए।
कार्तिक स्नान करने वाले हजारों श्रद्धालुओं ने यहां के परशुराम कुण्ड में सण की बने जहाज तैरा कर भी पुण्य कमाया। रंगबिरंगे वस्त्रों से सुसçज्ात महिलाओं ने मधुर गीताें की स्वर लहरियों के बीच हल्दी मिश्रित आटे के दीपक बना कर इन जहाजों में धरे, जिन्हें पानी में तैराया गया।
दिन भर चले इस क्रम में एक लाख से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने तीर्थ स्थली में स्नान, देव दर्शन आदि कर पुण्य कमाया। यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवानों सहित महिला पुलिसकर्मी भी तैनात थे।

पूर्व सरपंच पर तेजाब फेंका

आमेट। राजसमंद जिले के आमेट थाना क्षेत्र के सेलागुडा गांव में रविवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते कुछ अज्ञात लोगों ने एक वृद्ध पूर्व सरपंच पर तेजाब फेंक दिया। घटना के समय वृद्ध कमरे में बैठ कर हिसाब-किताब कर रहा था। वारदात में गंभीर रूप से झुलसे वृद्ध को प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया। घटना के बाद आरोपी भाग छूटे। इस संदर्भ में पुलिस वर्तमान सरपंच से पूछताछ कर रही है।
आमेट थानाधिकारी गोपाल चंदेल ने बताया कि पूर्व सरपंच व सेलागुडा निवासी नैनूराम कुमावत (60) रात करीब सवा बारह बजे घर से बाहर बने एक कमरे में बैठ कर हिसाब-किताब कर रहा था।उसी दौरान वहां आए कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उस पर तेजाब फेंक दिया। बोतल से फेंकी गया तेजाब वृद्ध के मुंह, हाथ, पैर व जांघ पर पडा जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने झुलसे वृद्ध को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उदयपुर रेफर किया गया। पुलिस ने नैनूराम कुमावत की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सरपंच से हो रही पूछताछबताया जा रहा है कि पूर्व सरपंच नैनूराम कुमावत व वर्तमान सरपंच रामचंद्र कुमावत में किसी बात को लेकर रंजिश है। माना जा रहा है कि इसी के चलते नैनू के साथ यह घटना घटी है। इस संबंध में पुलिस वर्तमान सरपंच के साथ ही अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है।
दोनों आंखों में गिरा तेजाबउदयपुर। एमबी अस्पताल में भर्ती पूर्व सरपंच नैनूराम कुमावत की चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताई है। नैनूराम के चेहरे के अलावा तेजाब उसकी दोनों आंखों में भी गिरा है, एक आंख दवा डालकर बार-बार साफ करनी पड रही है। नैनूराम के पुत्र रामेश्वरलाल ने बताया कि घटना के दौरान वह गांव में ही एक भजन संध्या में गया हुआ था। उसे गांव के चतरसिंह ने आकर सूचना दी। उस दौरान वहां पर पीछे-पीछे सरपंच रामचन्द्र कुमावत का पूर्व मुकेश एक नकाबपोश युवक भी वहां आया था।
उस वक्त उसने इतना ध्यान नहीं दिया और तुरंत घर चला गया। बाद में पिता को लेकर वह अस्पताल आया। रामेश्वर का कहना है कि उसके पिता व उसे सरपंच पर ही शक है। पूर्व में भी दो तीन बार लडाई झगडे हो चुके हैं। पंचायत में गडबडियों पर उसके पिता ने सरपंच की जिला कलक्टर से शिकायत भी कर रखी थी। इसी के चलते वह उससे रंजिश रखता है।

Sunday, November 1, 2009

भीम में सहपाठी प्रेमी युगल ने की आत्महत्या

राजसमन्द। एक-दूजे के साथ जीने मरने की कसम खाने वाले इस प्रेमी जोड़े को आशंका थी कि उनका परिवार उनके प्यार को स्वीकार नहीं करेगा तो वह कैसे जी पाएंगे। अलग होने के इसी संदेह के चलते उन्होंने मौत को गले लगाना उचित समझा और एक साथ एक ही पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह वाकया है कि राजसमंद जिले के भीम थानान्तर्गत नंदावट गांव के आम्बा का वाडिया का जहां शनिवार रात को सहपाठी प्रेमी युगल ने गांव के एक पेड़ से रस्सी द्वारा फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह सूचना मिलने पर भीम थानाधिकारी दयाराम फडोदा व पुलिस मौके पर पहुंचा और आम्बा का वाडिया मेें आम के पेड़ से फांसी पर लटके धनराज (20) पुत्र नैनू सिंह और चंचल (20) पुत्री मिट्ठू सिंह के शव कब्जे में लिए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिए। थानाधिकारी दयाराम फडोदा ने बताया कि चंचल और धनराज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भीम में कक्षा 12 में अध्ययनरत थे। दोनों के बीच लम्बे समय से प्रेम सम्बन्ध चल रहा था। परिवार को खबर ही नहीं : चंचल व धनराज के विद्यालय में साथ-साथ पढऩे के अलावा उनके बीच प्रेम सम्बन्ध है इस बात की दोनों के परिवार में किसी को भी जानकारी नहीं थी। सुबह जब परिजनों को दोनों के फांसी लगाने की जानकारी मिली तो उनके मुंह से यही शब्द निकले की जानकारी होती तो शादी भी करवा देते। रात 12 बजे बाद की आत्महत्या : स्थानीय लोगों ने बताया कि आम्बा का वाडिया में एक व्यक्ति के बीमार होने की वजह से लोग करीब 12 बजे तक जाग रहे थे। इनमें धनराज भी शामिल था। करीब सवा 12 बजे बाद वह अपने घर के लिए निकला। संभवत: वह घर नहीं जाकर पास की एक पहाड़ी की ओट में बैठकर चंचल को बुलवाया और उसके बाद दोनों ने यह कदम उठाया। वहीं चंचल के परिजनों के अनुसार रात साढ़े दस बजे उसके पिता जब घर आए तो चंचल ने खाना खिलाया था। उलटे पैर भागे बच्चे : आम्बा का वाडिया गांव में जिस स्थान पर चंचल व धनराज ने फांसी लगाई सुबह वहां छोटे बच्चे शौच के लिए गए। जब उन्होंने पेड़ से कुछ लटकता देखा तो वह उलटे पैर गांव की ओर भागे और स्थानीय लोगों को जानकारी दी।

दवा के नाम पर दगा

कुंभलगढ। केंद्र व राज्य सरकार जहां एक ओर गरीब व मध्यम वर्ग के रोगियों को राहत देने के लिए चिकित्सकों पर जेनेरिक दवाइयां लिखने के लिए दबाव बना रही है, वहीं बाजार में दवाइयों की कंपनियां उन्हीं जेनेरिक दवाइयों पर दुगुनी से भी अधिक एमआरपी अंकित कर मरीजों की जेब हल्की कर रही हैं। जिले व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सहकारी दवा घरों को छोड कर अन्य सभी मेडिकल स्टोर पर जेनेरिक दवाइयां अधिकतम खुदरा मूल्य पर बिक रही हैं।
दवा की पन्नियों पर दुगुने से भी ज्यादा मूल्य अंकित है। आम तौर पर उल्टी, दस्त, बुखार, पेट दर्द, खांसी व हाथ-पैर में दर्द सहित रोजमर्रा की दवाइयां जेनेरिक कहलाती हैं। हालांकि जेनेरिक दवाइयां लेने से मरीज को शीघ्र आराम नहीं मिलता और उस पर ज्यादा आर्थिक भार भी पडता है। जानकारों का कहना है कि जब तक दवा कम्पनियों की ओर से मरीजों को इथिकल व जेनेरिक मे कोई ठोस अंतर नहीं बताया जाएगा, तब तक मेडिकल व्यवसाइयों की धांधली नहीं रूकेगी।
ऎसे काट रहे मरीजों की जेब- सीविजरा कंपनी की इथिकल एंटीबायोटिकदवा वैक्टाफ-ओ-जैड की दस गोलियां 61 रूपए में बिक रही हैं। इसी कंपनी की सीविजमेट नाम से बाजार में चलने वाली जेनेरिक दस गोलियां 21.32 रूपए में बेची जा रही हैं, लेकिन पत्ते पर कीमत 80 रूपए अंकित है। - रेनबेक्सी की सिफ्रॉन 500 इथिकल की दस गोलियां 98 रूपए 60 55 पैसे में बिक रही हंै। - जेनेरिक में निकोलस पिरामल की फ्लोक्सीन 500 नामक गोलियों पर अधिकतम खुदरा मूल्य 61 रूपए 80 पैसे दर्ज है। इसकी वास्तविक कीमत मात्र 22 रूपए है। - ब्लड प्रेशर के लिए इथिकल में इंटास कम्पनी की एमटॉस एटी नामक दस गोलियों का मूल्य 38 रूपए 55 पैसे है। - जेनेरिक में जर्मन रेमेडीज कम्पनी की एम्लोमेड एटी की दस गोलियां 28 रूपए में बिक रही हंै। इस दवा की वास्तविक कीमत 7 रूपए 10 पैसे है। - एलर्जी के लिए सिप्ला कम्पनी की इथिकल एलरिड नामक दस गोलियां 37 रूपए 50 पैसे में बिक रही हैं। इसी कम्पनी की जेनेरिक सेटसीप नामक दस गोलियों पर 25 रूपए एमआरपी है। हालांकि इसकी वास्तविक कीमत मात्र तीन रूपए है।
दवा का मूल्य निर्धारित या उस पर अंकित करना केंद्र सरकार का अधिकार है। सहकारी उपभोक्ता भंडार पर जेनेरिक दवाइयां वास्तविक मूल्य पर मिलेंगी, निजी मेडिकल व्यवसायी अधिकतम खुदरा मूल्य पर दवा बेच सकते हैं। यह केंद्र सरकार की पॉलिसी है। ड्रग प्राइज कं टोल ऑर्डर के तहत हम निजी मेडिकल व्यवसायी को दवा कम मुनाफे से बेचने के लिए कह सकते हैं, लेकिन बाध्य नहीं कर सकते।-सुरेश सामर जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी

कार-मोटरसाइकिल भिड़ंत में युवक घायल

राजसमन्द। शहर के कलालवाटी क्षेत्र में शनिवार रात को क्वालिस कार-मोटर साइकिल भिड़ंत में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार रात करीब साढ़े नौ बजे हुए हादसे में पठानवाडी राजनगर निवासी अकरम पुत्र अजीम मोहम्मद घायल हो गया।

उमडा सैलानियों का सैलाब

कुंभलगढ। अरावली की वादियों में स्थित कुंभलगढ दुर्ग पर रविवार को देसी-विदेशी सैलानियों की खासी रेलमपेल रही। वाहनों की इतनी रेलमपेल रही कि दुर्ग स्थित वाहन पार्किग स्थल भी छोटा पड गया और दोपहर तक पार्किग में गाडियां खडी करने की भी जगह भी नहीं मिली। वन विभाग के अघिकारियों का कहना है कि अभयारण्य में एक दिन की लगभग बीस-बीस गाडियां वन भ्रमण पर जा रही हैं।
देशी विदेशी सैलानियों के भ्रमण के लिए कुछ समय पहले तक क्षेत्र में जहां सिर्फ जीपें मिलती थी, वहीं आज बडी कम्पनियों के आरामदेह वाहन उपलब्ध हैं। फ्रांस के पेरिस शहर से आई के्रस्टिनों ने बताया कि यह दुर्ग स्थापत्य कला का एक बेजोड उदाहरण है। वहीं दुर्ग परिसर में मौजूद स्मारक इसकी प्राचीन भव्यता दर्शाते हुए इतिहास की कहानी बयां कर रहे हैं। पर्यटक दुर्ग देखने के बाद परशुराम महादेव, वीरों का मठ, चारभुजानाथ, रोकडिया हनुमान सहित क्षेत्र के कई दर्शनीय स्थलों का भ्रमण भी कर रहे हैं।
धर्मनगरी में श्रद्धालुओं का रेला
नाथद्वारा। दीपावली से शुरू हुआ गुजरात व महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला अब तक जारी है और रविवार को यह चरम पर दिखा। न होटलों में जगह और न ही धर्मशालाओं व गेस्ट हाउसों में कमरे खाली हैं। भारी वैष्णव सैलाब के मद्देनजर नगर के बाजारों में भी खरीदारों की रौनक बनी रही।
सुबह चौपाटी की रौनक गुलजार रही तो शाम से देर रात तक माणक चौक में चटपटे व्यंजनों का आनंद लेने वालों का भारी हुजूम रहा। भीड का ऎसा ही आलम नगर के गुजराती व पंजाबी भोजनालयों पर दिखाई दिया, जहां वैष्णव जन पंक्ति बना कर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। पांच से ग्यारह वैष्णवों के इस त्योहारी सीजन में नगर के व्यापारियों के चेहरे खिले रहे। सुबह पांच से लेकर रात को ग्यारह बजे तक व्यापारियों की दुकानों पर खरीदारों की रौनक बनी रही।

नाथद्वारा-मारवाड़ ब्रॉडगेज के लिए हस्ताक्षर अभियान

राजसमन्द। नाथद्वारा से मारवाड़ तक ब्रॉडगेज लाइन की मांग को लेकर रविवार को लोकचेतना मंच की ओर से देवगढ़ शहर में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। लोकचेतना मंच के जिलाध्यक्ष प्रजीत तिवारी ने बताया कि मंच के देवगढ़ अध्यक्ष राजेन्द्र सेठिया के नेतृत्व में माणक चौक में रविवार सुबह ढोल नगाड़ों व थाली मांदल के साथ शुरू किया गया। विधायक हरिसिंह रावत व पंचायत समिति देवगढ़ के प्रधान चिरंजीलाल टांक ने श्रीनाथजी की छवि के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर तथा नाथद्वारा-मारवाड ब्रॉडगेज की मांग के लिए तैयार किए बड़े बैनर पर हस्ताक्षर कर किया। सेठिया ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान के प्रति लोगों में खासा उत्साह रहा। सुबह नौ बजे से शुरू हुए इस अभियान के तहत दस काउंटर भी लगाए गए थे। शाम पांच बजे तक काउण्टर पर लोगों का सैैलाब उमड़ता रहा। सेठिया ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान में चार हजार 17 हस्ताक्षर नगरवासियों ने तथा तीन हजार स्कूली बच्चों ने हस्ताक्षर किए। इसके अलावा अब तक 51 सौ पोस्टकार्ड रेल मंत्री ममता बनर्जी को भेजे जा चुके है। इस अवसर पर नगरपालिकाध्यक्ष इंद्रमल कंसारा, शीला पोखरना, मदन सिंह चौहान, पूर्व पार्षद नारायण सिंह सोलंकी, राजपूत समाज के जमना सिंह पंवार, कांग्रेस के चैन सिंह टांक, तेरापंथ समाज के प्रकाश मेहता, नूरजहां, विष्णु सिंह पंवार, बाबूलाल कलवाडिया, चंद्रप्रकाश आच्छा, अब्दुल मजीद शेख सहित सैंकडों गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।