Wednesday, July 20, 2011

आचार्य महाश्रमण से मिले पर्यावरण विकास संस्था के पदाधिकारी

केलवाः

कस्बे के भिक्षु विहार में चातुर्मास के लिए विराजमान आचार्य महाश्रमण से पर्यावरण विकास संस्था के अध्यक्ष हरिसिंह राठौड की अगुवाई में पदाधिकारियों ने भेंट की और पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अन्तर्गत एक सेमीनार आयोजित करने के साथ ही 60 हजार पौधे लगाने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर अध्यक्ष राठौड के अलावा सचिव उमेष झा, चातुर्मास विकास समिति के अध्यक्ष महेन्द्र कोठारी, बाबूलाल कोठारी, महामंत्री सुरेन्द्र कोठारी, लवेष मादरेचा आदि उपस्थित थे।

Tuesday, July 19, 2011

छात्र की पिटाई से छाया ग्रामीणों में रोष

- अभिभावकों ने मंगलवार को बच्चों को नहीं भेजा स्कूल- ग्रामीणों ने रखी अध्यापक के स्थानान्तरण की मांगराजसमंद। लावासरदारगढ उपतहसील के अपने ननिहाल कलामतों का खेडा स्कूल में अध्ययनरत छात्र की अघ्यापक द्वारा पिटाई से सहमें व ज्वर रोग से पीडित हुए छात्र के नाना ने जिला पुलिस अधीक्षक राजसमंद से मिल कर दोषी अध्यापक के विरुद्व कार्यवाही करने एवं ग्रामीणों ने अध्यापक को हटाने की मांग प्रशासन से की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार कलामतों का खेडा निवासी भीमराज गाडरी ने जिला पुलिस अधीक्षक को सोमवार को परिवाद देते हुए बताया कि उसका दोहिता उदयलाल पुत्र जोधराज गाडरी राजकीय प्राथमिक विद्यालय कलामतों का खेडा के कक्षा चार में पढता हैं। उदयलाल हमेशा की तरह शनिवार को भी स्कूल गया जहां अध्यापक रतनलाल रेगर ने उसके दौहितें उदयलाल की बन्द कमरें में बेवजह पिटाई कर दी; जिसके चलते उदयलाल घर आकर बीमार हो गया। बुखार से पीडित छात्र उदयलाल गाडरी की पिटाई को लेकर पूरे गांव में अध्यापक के प्रति आक्रोष व्याप्त हो गया। तथा ग्रामीण अध्यापक के स्थानान्तरण को लेकर मंगलवार को स्कूल के बाहर जमा हो गयें तथा इस दौरान बच्चों को भी स्कूल नहीं भेजा।बच्चें स्कूल के बाहर खेलते रहें- मंगलवार को अध्यापक के विरुद्व उपजे असंतोष को लेकर ग्रामीण स्कूल के बाहर जमा हो गये तथा जब तक अध्यापक को हटाया नहीं जाता जब तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजने पर अडे रहें। जबकि छात्र इस दौरान स्कूल के बाहर खेलने में मस्त नजर आयें।नायबतहसीलदार ने की समझाईस की कोशिश- मौके पर बिगडें माहौल को देखकर नायब तहसीलदार प्रभुलाल जैन तथा पुलिस पहुचीं और इस दौरान ग्रामीणों से समझाईस कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा गया पर ग्रामीण अध्यापक के ट्रांसफर कराने की मांग पर अडे रहै और स्कूल समय तक अभिभावको ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजें। इस अवसर पर नोडल अधिकारी अम्बालाल सालवी भी मौजूद थें। ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन- मौके पर पहुचें नायब तहसीलदार प्रभुलाल जैन को कलामतो का खेडा निवासी छीतरमल जाट; किशनलाल; नाथ्ूलाल सेन; पारसमल गाडरी; चेना गाडरी; मोहन भील; अम्बालाल; भेंरुलाल ; भंवरलाल सहित करीब दो दर्जन ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि अघ्यापक को तुरन्त प्रभाव से हटाया जायें। अध्यापक के यहां से जाने के बाद हीं बच्चों को स्कूल भेजने की बात कहीं।नही ंतो सभी टीसी कटायेंगें- अभिभावको ने कहा कि अगर अध्यापक को शीघ्र हीं नही हटाया गया तो स्कूल में अध्ययनरत सभी 79 छात्रों की टीसी कटवायें जाने के लिए मजबूर होना पडेगा।

इनका कहना है

” पूरी तन्मयता ;निष्ठा व ईमानदारी के साथ मैं इस विद्यालय में विगत 12 वर्षों से अपनी सेवायें देता रहा हू। ईमानदारी का ग्रामीणों ने मुझे इस तरह का प्रतिफल दिया है। मुझे इसका मलाल जरुर हैं । मैंनें छात्र के साथ कोई पिटाई नहीं की हैं। कुछ स्वार्थी लोग ऐसा माहौल बना रहें हैं। रतनलाल रेगर; अध्यापक राप्रावि कलामतो का खेडा”


ग्रामीणों की अध्यापक रतनलाल रेगर के विरुद्व शिकायत मिली हैं। नोडल अधिकारी से रिपोर्ट मांगी हैं। रिपोर्ट मिलतें ही उचित कार्यवाही की जायेगी।सत्यदेव शर्मा; ब्लाक शिक्षा अधिकारी आमेट

निर्मलता के बिना मोक्ष का मार्ग आसान नहींः आचार्य महाश्रमण

केलवा में चातुर्मास कार्यक्रम, सोमवार रात को आयोजित हुई कार्यशालाबुधवार को होगी उपासना प्रशिक्षण शिविर के लिए प्रवेश परीक्षा
मन में निर्मल चेतना का भाव और आज के भौतिकतावादी परिवेश से परिपूर्ण जीवन को त्यागने की क्षमता मनुष्य में हो तो उसे मोक्ष मार्ग की प्राप्ति अवष्य होती है। एकाग्रचित्त होकर की गई साधना से भी मोक्ष मार्ग के द्वार स्वतः ही खुल जाते है। यह उद्गार आचार्य महाश्रमण ने मंगलवार को केलवा में भिक्षु विहार में चल रहे चातुर्मास कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्हांेने संबोधि के तीसरे अध्याय में उल्लेखित निर्मल चेतना के संदर्भ में कहा कि जिस मनुष्यके चित्त में निर्मल का भाव नहीं हैं और जो वर्तमान जीवन के भौतिकता से भरे जीवन के सुख को छोड नहीं सकता। उसे मोक्ष मार्ग की प्राप्ति नहीं होती। इसके लिए मनुष्य को माया- मोह के परित्याग के साथ सांसारिक दलदल दूर रहकर निर्मल भाव से ध्यान आराधना करनी होगी तभी उसका मानव जीवन सार्थक हो सकेगा। आचार्य ने जाति स्मृति ज्ञान की व्याख्या करते हुए कहा कि संधि अवस्था में होने वाला ज्ञान पिछले जन्म के दौरान किए गए रचनात्मक कार्यांे से मिल सकता हैं। जाति के तीन कारणों के संदर्भ में उन्हांेने कहा कि तीर्थंकर के माध्यम से प्राप्त होने वाली जानकारी से पूर्व जन्म में किए गए कार्यों और धर्म का ज्ञान हो सकता हैं। यही नहीं तीर्थंकर की बातों को सुनकर आए किसी अन्य व्यक्ति की बातों से भी इस तरह का ज्ञान मिल सकता हैं। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं से अपने परिवार को स्वर्ग बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि मनुष्य में किसी प्रकार का ज्ञान हो अथवा ना हो, लेकिन उसे साधना अवष्य करनी चाहिए। परिवार स्वर्ग तभी बन सकता हैं जब पति-पत्नी, भाई-भाई, पिता-पुत्र में किसी तरह का राग द्वेष न हो। उनमें संपत्ति इत्यादि को लेकर किसी तरह खींचतान का भाव ना हो, क्यों कि इस तरह के भाव जीवन में आने से घर का वातावरण स्वर्ग की बजाय नरक बन जाता है। दो भाईयों के बीच संपत्ति को लेकर छिडे विवाद का उदाहरण देते हुए उन्हांेने कहा कि कोई भी परिवार स्वर्ग की राह पर तभी चल सकता है जब सदस्यों में कटुता के भाव का समावेश न हो। परिवार में संस्कार अच्छे होना आवष्यक है। इसके बिना अच्छे परिवार की कल्पना नहीं की जा सकती। संस्कारित जीवन के अभाव में कलह, विपत्ति, नशाखोरी और परस्पर झगडे की नौबत हमेशा बनी रहेगी। आचार्य ने पांडाल में मौजूद श्रावक-श्राविकाओं से आग्रह किया कि वे परिवार की सुख शांति के लिए भौतिक लालसाओं का परित्याग कर जीवन का कुछ समय उपासना में लगाएं, क्योंकि धार्मिकता के साथ साधना भी आवष्यक हैं। स्वर्ग सुख और शांति का प्रतीक हैं। मोक्ष में जाना बडी बात है। इसके लिए वर्तमान को न देखें, बल्कि यह देखें कि साधना निर्मल है या नहीं। व्यवहार में लाएं मधुरतामंत्री मुनि सुमेरमल ने श्रावक-श्राविकाओं से अपने रोजमर्रा के जीवन में मधुरता लाने का आग्रह करते हुए कहा कि मनुष्य की पहचान उसके कार्यों, बोलचाल, रहन-सहन से होती है। ऐसे में यदि वह असभ्य बातों का उच्चारण अपने जीवन में करेगा तो उसका असर परिवार के साथ समाज पर भी पडेगा। इससे बचने के लिए वे अपने घर का वातावरण धर्ममय बनाने की दिशा में पहल करे। दैनिक जीवन में धार्मिक क्रिया की पहल की जाए तो देवता भी उस घर में निवास करते हैं। कलह से भरे वातावरण में देवता भी आने से कतराते हैं। इसलिए चिन्तन करने की महत्ती आवष्यकता है क्यों कि धर्म देखने की नहीं वरन् जीने की वस्तु हैं। उन्होंने हिंसा को अनावष्यक बताते हुए लोगों को इससे सदा परे रहने का आग्रह किया। उपासक प्रशिक्षण शिविर बुधवार से मुनि योगेश कुमार ने कार्यक्रम के दौरान बुधवार से शुरु हो रहे उपासक प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी। उन्हांेने बताया कि इस शिविर में शामिल होने से पूर्व दोपहर एक बजे प्रवेश परीक्षा होगी। इसमें 70 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले संभागी दस दिन तक चलने वाले शिविर में शिरकत कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 270 उपासक जुडे हुए है और देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा कर चुके है। अंत में मंगलगान हुआ। संयोजन मुनि मोहजीत कुमार ने किया। जैन विद्या कार्यशाला का आयोजनइससे पूर्व सोमवार रात को तेरापंथ युवक परिषद् की ओर से आयोजित जैन विद्या कार्यशाला में जैन धर्म महान क्यों ? विषय पर चर्चा की गई। इस दौरान आचार्य महाश्रमण ने कहा कि राग, द्वेष, विजेता, अनंतज्ञान से संपन्न साधु-साध्वी, श्रावक-श्राविका इन चार तीर्थों की स्थापना करने वाले तीर्थंकर जिन कहलाते हैं। उन्होंने आज के युग को बुद्धि और तर्क की संज्ञा देते हुए आचार्य तुलसी के ष्लोक के माध्यम से जैनधर्म की महानता को परिभाषित किया। साथ ही सात मानकों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला के प्रशिक्षक मुनि दिनेश कुमार ने आयोजन की उपादेयता और आज के परिवेश में इसकी आवष्यकता पर प्रकाश डाला। रात साढे नौ बजे तक चली कार्यशाला में व्यवस्था समिति के अध्यक्ष महेन्द्र कोठारी व तेरापंथ यु.प.के अध्यक्ष विकास कोठारी ने आचार्य महाश्रमण को कीट भेट किया। इस दौरान तेरापंथ यु.प.के मंत्री लक्की कोठारी सहित सदस्य मौजूद थे।

Monday, November 1, 2010

15 फीट का अजगर पकड़ा

भावा के सोनेला क्षेत्र में राजसमंद झील की बाईं केनाल के पास 15 फीट लंबे अजगर को वनकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ पाए। जानकारी के अनुसार भावा के सोनेला क्षेत्र में सोमवार सुबह अजगर विचरण करता पाया गया। रमेश एवं नारायण गुर्जर ने वन विभाग को सूचित किया। इस दौरान अजगर को ग्रामीणों ने रस्सी से बांध दिया। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने अजगर को केनाल से बाहर निकालने के काफी प्रयास किए, लेकिन अजगर के छटपटाने एवं फन दिखाने की वजह से पकड़ में नहीं आए। इस पर वनकर्मियों ने केनाल के अंदर उतरकर करीब एक घंटे की मशक्कत से उसे पकड़ा। इसके बाद वनक्षेत्र में छोड़ दिया।

पैंथर ने दो बछड़ों का शिकार किया

बिनोल क्षेत्र में पैंथर ने वापस दशहत फैलाना शुरू कर दिया है। दो दिनों में उसने गाय के दो बछडों को शिकार बनाया है। करणपुरिया निवासी मालू गुर्जर ने बताया कि पैंथर पुन: अपने ठिकाने सुहलियों की भागल पर दिखाई दिया है। शनिवार रात में करणपुरिया निवासी शंकरलाल भील के बाड़े में बंधे गाय के बछड़े को उसने अपना शिकार बना लिया। दूसरे दिन रविवार की रात में भंवरलाल भील के बाडे में बंधे बछड़े को उठा ले गया। पैंथर द्वारा बछड़े को खींचकर ले जाने के निशान मालू गुर्जर ने देखे। इस घटना से लोगों में एक बार फिर से भय का माहोल व्याप्त

बाइक की टक्कर से बालक की मौत

राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर कुमारनाड़ा के पास रविवार शाम करीब 5 बजे बाइक की टक्कर से एक बालक की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मामला भीम थाना पुलिस का है। लाइयों का मगरा, कुमारनाड़ा निवासी नारायणलाल नाई ने मामला दर्ज कराया कि उसका लड़का पिन्टूलाल रविवार शाम पैदल घर आ रहा था। इस दौरान भीम की तरफ से आ रही बाइक ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल को स्थानीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। यहां से उसे देलवाड़ा रेफर कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आरोपी को भगाने के मामले में हैडकांस्टेबल गिरफ्तार

लूट के आरोपी के पुलिस को गच्चा देकर भागने के मामले में सोमवार को राजनगर थाना पुलिस ने हैडकांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। इससे पहले रविवार देर शाम को पुलिस ने हैडकांस्टेबल सहित चारों कांस्टेबलों से गहन पूछताछ की। बाद में हैडकांस्टेबल को आरोपी को भगाने का सहयोगी करार देते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। हरियाणा निवासी कासम पुत्र कमर खां हरियाणा से पेशी से लौटते समय राजनगर हाइवे पर रविवार अलसुबह पुलिस को गच्चा देकर भाग गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे जिले में नाकाबंदी करवा दी। पुलिस ने इस घटना में हैडकांस्टेबल चमनसिंह, कांस्टेबल रवींद्रसिंह, अमित कुमार व गोपालसिंह से संदेह के आधार पर पूछताछ की। ...शेष & पेज १६बाद में हैडकांस्टेबल को घटना में लिप्त होना बताते हुए गिरफ्तार कर लिया।सुविधाएं उपलब्ध कराने 10 हजार रुपए लिए : आरोपी को मोबाइल उपलब्ध कराना, टवेरा गाड़ी में बैठना तथा मोबाइल पर बार -बार बात करने देना, मित्रों व परिजनों से मिलाना आदि के लिए हैडकांस्टेबल ने करीब 10 हजार रुपए लिए। यह रुपए भी आरोपी ने हैडकांस्टेबल को अपने मित्र से दिलवाए थे।हैडकांस्टेबल के अकाउंट की जांच : एसपी नितिनदीप ने बताया कि पुलिस हैडकांस्टेबल के अकाउंट की जांच करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि हैडकांस्टेबल के अकाउंट में कब- कब कहां- कहां से कितने रुपए जमा हुए। बाद में अकाउंट से कितने रुपए निकाले गए। इसके अलावा आरोपी कहां- कहां पर रुका। किस जगह किस -किस से मुलाकात की आदि की हैडकांस्टेबल से तश्दीक कराई जाएगी।यहां भेजी टीमें : एसपी ने बताया कि आरोपी की धरपकड़ के लिए टीमों का गठन किया है। यह टीमें जयपुर, उदयपुर, चितौड़ व हरियाणा में आरोपी की तलाश में जुटी है।मोबाइल लोकेशन पर आरोपी की तलाश : घटना के दौरान लूट के आरोपी के पास एक मोबाइल था। मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।मित्रों से था लगातार संपर्क आरोपी हरियाणा में जैसे ही पेशी पर पहुंचा। तभी से ही मित्र तथा परिजन उसके संपर्क में थे। यहां तक कि उसे मोबाइल तथा अतिरिक्त सुविधाएं तक उपलब्ध कराई गई थी। केलवा में शनिवार रात करीब 3 बजे एक व्यक्ति आरोपी से मिला तथा तीन मिनट तक बात भी की। आरोपी ने हैडकांस्टेबल से केलवा में भी लघुशंका के लिए जाने को कहा था, लेकिन हैडकांस्टेबल ने राजनगर में जाने को कहा। राजनगर आने के बाद आरोपी लघुशंका के बहाने बाइक सवार के साथ फरार हो गया। पहले भी था निलंबित हैडकांस्टेबल पहले ब्यावर के पास एक चौकी पर तैनात था। उस दौरान हैडकांस्टेबल पर शराब के अवैध परिवहन में तस्करों की मदद करने का आरोप लगाया गया था। इसको लेकर राजसमंद एसपी ने हैडकांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया था।