Tuesday, September 1, 2009

विकलांगों को मिलेंगे कृत्रिम उपकरण और रोडवेज पास

राजसमंद। कांकरोली स्थित कुमावत समाज के नोहरे में 11 और 12 सितम्बर को आयोज्य विकलांग कल्याण शिविर में जिले के 3442 चिह्नित विकलांगों को कृत्रिम उपकरण और रोडवेज पास जारी किए जाएंगे।
इस शिविर में जन सेवा संस्थान नई दिल्ली के विशेषज्ञ विकलांगों का परीक्षण कर उन्हें कृत्रिम उपकरण देंगे। असहायों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम उदयपुर के आगार प्रबंधक एसएल यादव को विकलांगों को नि: शुल्क रोडवेज पास जारी करने के लिए पत्र लिखा गया है।
किसे कहेंगे विकलांग!ऎसे व्यक्ति, जिन्हें मेडिकल बोर्ड की ओर से 40 प्रतिशत अथवा उससे अधिक शारीरिक रूप से अक्षम घोषित किया गया हो, वह विकलांग की श्रेणी में आता है।
नि:शक्तों को परखेंगे विशेषज्ञजिले की सातों पंचायत समितियों के चिह्नित कुल 3442 विकलांगों का परीक्षण जन सेवा संस्थान नई दिल्ली से आए विशेषज्ञ करेंगे। विशेषज्ञ जांच के बाद उन्हें कृत्रिम उपकरण देंगे। दो दिवसीय इस शिविर के पहले दिन कुंभलगढ, भीम, आमेट और दूसरे दिन रेलमगरा, खमनोर, राजसमंद और देवगढ पंचायत समितियों के विकलांगों का परीक्षण होगा।
कहां कितने असहाय!जिला प्रशासन के निर्देश पर पंचायती राज संस्थाओं की ओर से सर्वे के दौरान कुल 3442 विकलांगों को चिह्नित किया गया है। इसमें भीम के 712, आमेट के 336, रेलमगरा के 439, खमनोर के 155, देवगढ के 666, कुंभलगढ के 675 और राजसमंद के 459 असहाय शामिल हैं।
जांच के बाद मिलेगा उपकरणजन सेवा संस्थान के प्रबंधक डॉ. शरद रंगा के साथ यहां आने वाली विशेषज्ञों की टीम असहायों का गहनता से परीक्षण करने के साथ ही उन्हें आगामी महीनों में ट्राईसाइकिल, कैलीपर्स, बैसाखी और श्रवण यंत्र आदि वितरित करेगी।
शिविर में अधिक से अधिक असहाय लाभ पहुंचाने के लिए तहसीलदारों व उपखंड अधिकारियों को प्रचार-प्रसार के लिए सूचित कर दिया गया है। -अशोक कुमार शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी

चहुंओर जय गवरी पुत्र की गूंज

राजसमंद। जिले भर में गणपति महोत्सव के तहत उत्साह व उमंग का माहौल है। चारों ओर गणपति की गूंज सुनाई दे रही है। श्रद्धालु भक्ति के सागर में डूबे हुए हैं। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं गणपति विसर्जन तो कहीं विविध आयोजन हो रहे हैं।धराया छप्पन भोग : स्थानीय गणेश मंदिर मार्ग पर स्थापित गणपति को मंगलवार को बाल-गोपालों ने छप्पन भोग धराया। गर्वित सनाढ्य ने बताया कि प्रतिमा स्थापना के दिन से ही प्रतिदिन यहां अलग-अलग झांकिया सजाई जा रही हैं। मंगलवार की झांकी में भावेश सांचीहर, प्रद्युम्न सनाढ्य, मोंटू सांचीहर, मोहित सनाढ्य, वल्लभ सनाढ्य आदि ने सहयोग दिया। अनंत चतुदर्शी के दिन गणपति का विसर्जन किया जाएगा।
गरबा की धूमआमेट । समीपवर्ती टीकड गांव में नवयुवक मित्र मण्डल के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में गरबा की धूम रही। मंगलवार को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता हुई। बुधवार रात भजन संध्या होगी, जिसमें पाली के महेन्द्र सिंह गोयल व दल भजनों की प्रस्तुति देंगे। समारोह के मुख्य अतिथि कुंभलगढ विधायक गणेश सिंह परमार होंगे।
रोज नए कार्यक्रमों की धूमनाथद्वारा । शहर व ग्रामीण अंचल में चल रहे गणपति महोत्सव के तहत प्रतिदिन विविध आयोजन हो रहे हैं। उथनोल में सोमवार रात सैलानी लोक कला मण्डल की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। ग्रामीण विष्णु जोशी ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से सार्वजनिक गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। इधर शहर के बस स्टैण्ड, आदर्श नगर, बडा बाजार तथा सुन्दरी विलास में भी गणपति महोत्सव की धूम है।
आज होगा विसर्जनचारभुजा (निसं.)। शिव मित्र मण्डल, साथिया की ओर से बुधवार को गणपति विसर्जन होगा। मण्डल संचालक मदनलाल शर्मा ने बताया कि गणपति विसर्जन दोपहर तीन बजे होगा।
धूमधाम से विसर्जित हुए गणपतिराज्यावास। समीपवर्ती राज्यावास गांव के रेगर मोहल्ले में बाबा रामदेव मंदिर पर चल रहे नौ दिवसीय गणेश महोत्सव का धूमधाम से समापन हो गया। इससे पहले रविवार रात मंदिर पर रात्रि जागरण व भजन संध्या हुई जिसमें ग्रामीणों ने उत्साह से भाग लिया। सोमवार शाम सात बजे विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बैण्डबाजे की धुन पर शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान भक्त गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के नारे लगा रहे थे। शोभायात्रा विभिन्न मार्गो से होते हुए रात साढे दस बजे गडाई तालाब पहुंची जहां मूर्ति को विसर्जित किया गया। अंत में प्रसादी का वितरण किया गया।
धूमधाम से विसर्जित हुए गणपतिराज्यावास। समीपवर्ती राज्यावास गांव के रेगर मोहल्ले में बाबा रामदेव मंदिर पर चल रहे नौ दिवसीय गणेश महोत्सव का धूमधाम से समापन हो गया। इससे पहले रविवार रात मंदिर पर रात्रि जागरण व भजन संध्या हुई जिसमें ग्रामीणों ने उत्साह से भाग लिया। सोमवार शाम सात बजे विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बैण्डबाजे की धुन पर शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान भक्त गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के नारे लगा रहे थे। शोभायात्रा विभिन्न मार्गो से होते हुए रात साढे दस बजे गडाई तालाब पहुंची जहां मूर्ति को विसर्जित किया गया। अंत में प्रसादी का वितरण किया गया।

Monday, August 31, 2009

सूखे कुएं उगलेंगे 'गंगा जल'

राजसमंद। राज्य भर में इस वर्ष कम बारिश और अनिश्चित आगामी मानसून के बावजूद राजसमंद जिले के सूखे कुएं आने वाले समय में अविरल 'गंगा जल' उगलेंगे। कूप के माध्यम से भूजल कृत्रिम पुनर्भरण योजना के प्रति भूमि पुत्रों की बढती ललक ऎसा ही संकेत दे रही है।
राज्य सरकार के भूजल विभाग ने पिछले वर्ष राज्य भर में बादलों से बरसने वाली बूंद-बूंद सहेजने और भूमि की गोद में समाहित करने की योजना बनाई है। जनता के सीधे जुडाव के लिए उन लोगों को माध्यम बनाया गया, जिनके पास गहरे कुएं हैं। कुआं मालिकों ने भी इसे हाथोंहाथ लेना शुरू कर दिया। यही कारण है कि सिर्फ कुछ ही महीनों में पूरे हुए दो चरणों में अकेले राजसमंद जिले के 1603 किसानों ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर अपने दस्तावेज नोडल महकमे जल संसाधन खण्ड को सौंप दिए। आशा से अघिक आवेदनों के कारण विभाग भी इसे अच्छा संकेत मान रहा है।
समझा पानी का मोलसाल-दर-साल अपनी गाढी कमाई का मोटा हिस्सा गंवाने वाले धरती पुत्रों ने पानी का मोल समझते हुए खेत का पानी खेत की सोच को प्राथमिकता दी है।
हाथोंहाथ मिली राशिजल संसाधन खंड ने जिले के धरती पुत्रों से प्राप्त आवेदनों को स्वीकृति के लिए दो चरणों में नाबार्ड को भेज दिए हैं। पिछले महीने 23 जुलाई को 751 व 19 अगस्त को 852 सहित कुल 1603 भेजे गए आवेदनों में से 746 को स्वीकृतियां भी मिल चुकी हंंै। उल्लेखनीय है कि निरंतर गिरते भूजल स्तर को रोकने व भूजल भण्डार में वृद्धि के लिए शुरू की गई यह योजना राजस्थान के अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात व तमिलनाडु में भी लागू की गई है।
यह है योजनाकूप पुनर्भरण संरचना के निर्माण के लिए सरकार की ओर से लघु व सीमांत किसानों को प्रति कुआं चार हजार रूपए का अनुदान व अन्य सभी वर्गीकृत कृषकों को दो हजार रूपए अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ वे सभी भूमि पुत्र उठा सकते हैं जिनके खेत में कुआं हो। गौरतलब है कि बारिश के पानी को खेतों में एकत्र कर कुएं में डालने से न केवल कुएं का जल स्तर बढेगा, वरन आसपास के क्षेत्र व गांव के जल स्तर में भी बढोतरी होगी। इससे गांवों में कृषि पैदावार में वृद्धि, आर्थिक संपन्नता भी बढेगी।
कूप से भूजल कृत्रिम पुनर्भरण योजना के प्रति कुआं मालिकों में खासा उत्साह है। डेढ हजार से अघिक आवेदनों से स्पष्ट है कि अब मानसून का जुआ खेतों पर हावी नहीं हो सकेगा व भूमि पुत्र अल्प वर्षा के बावजूद पूरी पैदावार ले सकेंगे।- गोपाल दाना, अघिशासी अभियंता, जल संसाधन खंड

हमेर पाल पर सात का संगम

कुंभलगढ। ऎतिहासिक हमेर पाल झील पर सात बेवाणों का संगम हुआ। शाम चार बजे भगवान के बाल स्वरूप को जन मैदिनी ने स्नान करवाया। केलवाडा के ठाकुरजी निज मंदिर से बेवाण में गाजे-बाजे के साथ नरसिंहजी व लक्ष्मीनारायण मंदिर बेवाण के साथ शोभायात्रा रवाना हुई।
पुजारी व भक्तजन भजन-कीर्तन गाते व जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। ठाकुरजी का बेवाण दर्शन टांकडी पहुंचा, जहां परंपरागत तरीके से जोशी परिवार की ओर से भगवान को भोग धराया गया। हमेर पाल झील पहुंचने पर तलादरी, गामडी, मेलावडी के बाल विग्रहों के संग भजन सत्संग के बाद स्नान करवाया गया। यहां ठाकुरजी की आरती की गई।
देवालयों में सजावटभीम । जल झूलनी ग्यारस के उपलक्ष्य में क्षेत्र के देवालयों के विशेष सजावट की गई और प्रभु प्रतिमाओं का श्ृंगार किया गया। केसरियानाथ मार्ग स्थित भगवान चारभुजानाथ व सत्यनारायण मंदिर से बेवाण में विराजमान कर ठाकुरजी के बाल स्वरूप की शोभायात्रा निकाली गई। भजन-कीर्तनों के संग बेवाण को कस्बे के तालाब पर ले जाकर स्नान कराया गया।
मजीरों की मधुर धुनलसीन । कस्बे के रूपनारायण, देवनारायण, लक्ष्मीनारायण व चारभुजानाथ मंदिर से राम रेवाडियां निकाली गई। ढोल-मजीरों की मधुर स्वर लहरियों के साथ श्रद्धालु रंग, अबीर और गुलाल उडाते भजन गाते चल रहे थे। भगवान को स्नान कराने के बाद महादेव मंदिर पर पूजा-अर्चना व आरती की गई।
टैंकर के जल प्रभु का स्नानदेवगढ । नगर में जल झूलनी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मारू दरवाजा स्थित लाल बाई के मंदिर से रवाना हुई प्रमुख राम रेवाडी में आगे जाकर एक दर्जन से अघिक राम रेवाडियां भी शामिल हुई। ढोल-बाजे एवं शंख की नाद पर श्रद्धालु भजन-कीर्तन गाते चल रहे थे। राघव सागर तालाब पर टैंकर में मंगाए जल से राम रेवाडियों में विराजित भगवान को स्नान कराया गया।
केलवा । श्यामजी मंदिर से रूप नारायणजी, चारभुजा जी, नृसिंहद्वारा मंदिर, चारभुजाजी स्थल आदि स्थानों से राम-रेवाडियां बैंड की मधुर धुन के संग रवाना हुर्ई। प्रभु को स्नान कराने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
पालकी में शोभायात्रासेमा । ब्रrापुरी स्थित प्राचीन चारभुजानाथ के बाल विग्रह को पालकी में विराजित कर शोभायात्रा निकाली गई। थाली-मांदल व ढोल की थाप संग श्रद्धालुगण भजन-कीर्तनों की मधुर स्वर लहरिया बिखेरते हुए ठाकुरजी के बेवाण के साथ बनास नदी तट पहुंचे, जहां पुजारी शांतिदास वैष्णव व मुन्नादास वैष्णव ने ठाकुरजी को स्नान कराया। यहां पहुंची राम रेवाडियों की सामूहिक आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।
जित देखूं तित अबीर-गुलालराज्यावास । गांव के चारभुजाजी मंदिर से धूमधाम के साथ भगवान की राम रेवाडी निकाली गई। शोभायात्रा के साथ श्रद्धालु अबीर-गुलाल उडाते व नाचते-गाते हुए चल रहे थे। राम रेवाडी गांव के गडाई तालाब पहुंची जहां प्रभु को विधानपूर्वक स्नान करवाया गया व पूजा-अर्चना कर आरती की गई।
कथा, आरतीरेलमगरा । नगर के चारभुजानाथ मंदिर पर सुबह से ही दर्शनार्थियों की कतार लगी रही। अपराह्न तीन बजे पं. किशनलाल व्यास की ओर से एकादशी कथा के वाचन व प्रभु की आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद बेवाण में सुसçज्ात प्रभु की बैण्ड बाजों के साथ राम रेवाडी निकाली गई। शोभायात्रा में बडी तादाद में आबाल-वृद्धों ने हिस्सा लिया। रैगर समाज की ओर से बाबा रामदेव मंदिर से राम रेवाडी निकाली गई।

छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण

सेमा। कस्बे के जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास का सोमवार को पंचायत समिति, खमनोर के विकास अघिकारी भंवरलाल विश्नोई ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं से भोजन, पेयजल, साफ-सफाई आदि व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास अधीक्षक सज्जन श्रीमाली को छात्रावास परिसर में खेल मैदान, सडक व सौंदर्यीकरण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान कनिष्ठ अभियंता फतहलाल श्रीमाली भी मौजूद थे।

प्रबोधकों ने मांगा बोनस

राजसमंद। प्रबोधक संघ ने सोमवार को मुख्यमंत्री और शासन सचिव को ज्ञापन भेज बोनस देने की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष चुन्नीलाल तेली ने बताया कि पिछले पांच से अघिक वर्षो से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे प्रबोधकाें को आज तक राज्य कर्मचारियों को दिए जा रहे दीपावली बोनस से वंचित रखा गया है। उन्होंने अन्य शिक्षाकर्मियों के समान ही इस वर्ष से दिपावली पर सभी प्रबोधकों को बोनस देने की मांग की है।

मजूदरों की भुगतान राशि में गडबडी

खमनोर। पंचायत समिति के सेमल गांव में नरेगा श्रमिकों के भुगतान की राशि में ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) की ओर से गडबडी करने का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि प्रशासनिक दखल के बाद सहकारी समिति के व्यवस्थापक ने श्रमिकों को तत्काल रसीद थमा दी।
तहसील के सेमल गांव में नरेगा पर कार्यरत 65 श्रमिकों को शनिवार का ग्राम सेवा सहकारी समिति कार्यालय में भुगतान किया गया। इनमें से दो पुरूष व शेष महिला श्रमिक थीं। समिति व्यवस्थापक ने भुगतान पास बुक में दर्ज राशि के विपरीत प्रत्येक को 110 रूपए कम का भुगतान किया। नाराज श्रमिकों ने आपत्ति दर्ज करवाई, लेकिन कोई समाधान नहीं बताया गया। श्रमिकों ने अन्य ग्रामीणों व बाद में नाथद्वारा उपखण्ड अघिकारी गौरव बजाज को अपनी पीडा सुनाई। बजाज के निर्देश पर नायब तहसीलदार खमनोर मोहनलाल जाट व विकास अघिकारी बीएल विश्नोई मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों, श्रमिकों व व्यवस्थापक के बयान कलमबद्ध कर जांच रिपोर्ट तैयार की।
इधर, व्यवस्थापक भंवरसिंह झाला का कहना है कि प्रत्येक श्रमिक को समिति का सदस्य बनाने के पेटे 10 रूपए व हिस्सा राशि पेटे 100 रूपए कम भुगतान किए गए थे। श्रमिकों ने बताया कि उन्हें काटी गई राशि के बदले रसीद नहीं दी गई।
तीस को दी रसीदहंगामा होने व प्रशासनिक अघिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद व्यवस्थापक ने 65 में से 30 श्रमिकों को रसीद दे दी। ग्रामीणों ने रसीद देने कोमामले पर परदा डालने का प्रयास बताते हुए व्यवस्थापक के खिलाफ कार्रवाई करने व प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इनका कहना हैपर्याप्त रसीदें उपलब्ध नहीं होने के कारण श्रमिकों को रसीद नहीं दी गई थीं।-भंवरसिंह झाला, व्यवस्थापक, जीएसएसमामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।- बीएल. विश्नोई, विकास अघिकारी
मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए उपखण्ड अघिकारी को भेजी जा रही है।-मोहनलाल जाट, नायब तहसीलदार