Wednesday, April 29, 2009

धैर्य धारण करें : मुनि तत्वरूचि

राजसमन्द। मुनि तत्वरूचि तरूण ने कहा कि सफल होने के लिए जीवन में धैर्य धारण करें। क्याेंकि अधीरता असफलता की निशानी है। सफलता धैर्यवान को ही प्राप्त होती है। यह विचार उन्होने बुधवार को अणुव्रत विश्व भारती के प्रांगण में आयोजित विचार संगोष्ठी में व्यक्त किए। उन्होने कहा कि धैर्य व्यक्ति का विशिष्ट गुण है। इससे व्यक्तित्व में निखार आता और विस्तार पाता है। धैर्य के अभाव में व्यक्ति महान उपलब्धियाें से वंचित हो जाता है। इससे पूर्व मुनि तत्वरूचि ने अपने सहवर्ती संतो के साथ किशोरनगर से विहार कर प्रात: नौ बजे साधना शिखर पर स्थित अणुविभा केन्द्र पहुंचे। अण्रविभा केन्द्र के व्यवस्थापक विमल, जगजीवन, एडवोकेट महेश कुमार लोढा, डॉ बालकृष्ण गर्ग, बालोदय के व्यवस्थापक बालमुकुन्द आदि ने संतो का स्वागत किया।

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