Sunday, February 14, 2010

कम्प्यूटरों का कर्ज, गरीबी का मर्ज

राजसमंद। जिले की सभी 206 ग्राम पंचायतों में दो माह पूर्व नरेगा के तहत नियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटरों की स्थिति सिर मुंडाते ही ओले जैसी हो गई है। कम्प्यूटर खरीदने वाले बेरोजगार वापस कम्प्यूटर बेचने को मजबूर हो गए हैं।
हुआ यूं कि गत अक्टूबर-नवम्बर में कार्यालय जिला कार्यक्रम समन्वयक (राग्रारोगा) एवं जिला कलक्टर की ओर से 206 कम्प्यूटर ऑपरेटर मय मशीन के आवेदन मांगे गए। कई शर्तो के साथ एक वर्ष के लिए लिखित परीक्षा और योग्यता के आधार पर 21 दिसम्बर को 206 ऑपरेटरों की नियुक्ति की गई। तब एक वर्ष के अनुबंध का भी स्पष्ट उल्लेख था। दूसरा महीना बीतने के बावजूद उन्हें अब तक मानदेय भुगतान नहीं किया गया। बैठे थे मानदेय के इंतजार में, लेकिन 8 फरवरी को ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की ओर से 28 फरवरी के बाद घर का रास्ता देखने का फरमान आ गया।
घर में बढा कलहअभ्यर्थियों ने बताया कि अभिभावकों को कम्प्यूटर खरीदने के लिए किसी तरह राजी किया था। इनमें से कइयों के कंधों पर वृद्ध माता-पिता का तो कई विवाहितों पर घर-गृहस्थी चलाने का भी बोझ है। करीब 21 से अधिक आयु वर्ग के इन कंप्यूटर ऑपरेटरों में कई ऎसे हैं जो पूर्व में निजी संस्थानों, कंपनियों में कार्यरत थे। वहां से नौकरी छोडने के बाद यह नौकरी भी हाथ से जाती देख, अब रोजी-रोटी का संकट हो गया है। इस स्थिति के चलते अब घरों में भी कलह बढने लगा है।
पहले ही लगा दी थी रोकराज्य सरकार ने कम्प्यूटर ऑपरेटर मय मशीन की भर्तियों पर पहले ही रोक लगा दी थी। यह रोक कला वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए लगाई गई थी। राजसमंद जिले में आवेदन मांगे गए। नियुक्ति देते समय एक वर्ष के अनुबंध की बात कही गई लेकिन 21 दिसम्बर के बाद ढाई माह भी पूरे नहीं हुए।
काम निकल गयाशर्त यह थी कि किसी भी माह में चार कार्य दिवस से अधिक कंप्यूटर बंद नहीं रखा जाएगा। यह भी पूर्व में सूचना देकर ही किया जा सकेगा। इससे अधिक समय तक कम्प्यूटर बंद रहने पर चाहे वह ऑपरेटर की गैर हाजरी के कारण या किसी खराबी के कारण हो तो देय राशि में से प्रतिदिन 200 रूपए की कटौती की जाएगी। इस आधार पर सब से करीब दो वर्ष पुराना रिकॉर्ड भी 'अपडेट' कराया गया।
हमने ब्याज पर करीब 35000 हजार रूपए जुटाकर कंप्यूटर, यूपीएस, प्रिंटर आदि खरीदे। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्ति के कारण वहां कमरा भी किराए पर ले लिया। अब तक पहला मानदेय भी नहीं मिला है और नौकरी से निकालने का फरमान सुना दिया गया।घनश्याम पालीवाल, कंप्यूटर ऑपरेटर, अंटालिया
राज्य सरकार ने भर्ती पर कोई रोक नहीं लगाई थी। यह नया आदेश पूरे राज्य के लिए लागू होगा, इसलिए राजसमंद जिले से भी सभी कंप्यूटर ऑपरेटर मय मशीन का अनुबंध 28 फरवरी को समाप्त किया जाएगा।औंकारसिंह, कलक्टर व जिला कार्यक्रम समन्वयक, राजसमंद

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